अनन्त जीवन का मार्ग, फसह

अनन्त जीवन का मार्ग, फसह

फसह मनाने का आदेश हमें कौन देता है?

नई वाचा का फसह उन लोगों के लिए जो स्वर्ग के राज्य की ओर उद्देश्य रखते हुए धार्मिक जीवन जीते हैं, एक महत्वपूर्ण विधि है। आइए हम बाइबल के माध्यम से पढ़ें कि किसने हमें फसह मनाने की आज्ञा दी।

निर्ग 12:10–14 “और उसमें से कुछ भी सबेरे तक न रहने देना, और यदि कुछ सबेरे तक रह भी जाए, तो उसे आग में जला देना। और उसके खाने की यह विधि है: कमर बांधे, पांव में जूती पहिने, और हाथ में लाठी लिए हुए उसे फुर्ती से खाना; वह तो यहोवा का पर्व होगा। क्योंकि उस रात को मैं मिस्र देश के बीच में होकर जाऊंगा, और मिस्र देश के क्या मनुष्य क्या पशु, सब के पहिलौठों को मारूंगा; और मिस्र के सारे देवताओं को भी मैं दण्ड दूंगा; मैं यहोवा हूं। और जिन घरों में तुम रहोगे उन पर वह लहू तुम्हारे लिए चिह्न ठहरेगा; अर्थात् मैं उस लहू को देखकर तुम को छोड़ जाऊंगा, और जब मैं मिस्र देश के लोगों को मारूंगा, तब वह विपत्ति तुम पर न पड़ेगी और तुम नष्ट न होगे। और वह दिन तुम को स्मरण दिलानेवाला ठहरेगा, और तुम उसको यहोवा के लिए पर्व करके मानना; वह दिन तुम्हारी पीढ़ियों में सदा की विधि जानकर पर्व माना जाए।”

पुराने नियम के समय में, फसह एक कानून था जिसे परमेश्वर ने खुद बनाया और हमें मनाने की आज्ञा दी। जब इस्राएलियों ने परमेश्वर की आज्ञा का पालन करके फसह मनाया, तो उन्होंने मिस्र के दासत्व से मुक्त होने की आशीष पाई।

तब, आइए हम देखें कि नए नियम के समय में किसने हमें फसह मनाने की आज्ञा दी।

मत 26:17–19 अखमीरी रोटी के पर्व के पहले दिन, चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, “तू कहां चाहता है कि हम तेरे लिए फसह खाने की तैयारी करें?”… अत: चेलों ने यीशु की आज्ञा मानी और फसह तैयार किया।

नए नियम में फसह मनाने की आज्ञा किसने हमें दी? वह पुत्र परमेश्वर यीशु थे। नए नियम के समय में भी, परमेश्वर ने हमें फसह मनाने की आज्ञा दी।

किस कारण से परमेश्वर ने हमें फसह मनाने की आज्ञा दी

तब नए नियम के समय में परमेश्वर ने हमें फसह मनाने की आज्ञा क्यों दी? वह हमें पाप और मृत्यु से मुक्त करने के लिए है।

यूह 6:53–54 “… जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं। जो मेरा मांस खाता और मेरा लहू पीता है, अनन्त जीवन उसी का है…”

हमारे लिए अनंत जीवन पाने का एक ही मार्ग है, वह यीशु का मांस खाना और लहू पीना है। तब हम यीशु का मांस और लहू कैसे खा और पी सकते हैं?

लूक 22:7–8 तब अखमीरी रोटी के पर्व का दिन आया, जिसमें फसह का मेम्ना बलि करना आवश्यक था। यीशु ने पतरस और यूहन्ना को यह कहकर भेजा: “जाकर हमारे खाने के लिए फसह तैयार करो।”

लूक 22:19–20 फिर उसने रोटी ली… “यह मेरी देह है जो तुम्हारे लिए दी जाती है: मेरे स्मरण के लिए यही किया करो।”… “यह कटोरा मेरे उस लहू में जो तुम्हारे लिए बहाया जाता है नई वाचा है।”

यीशु ने फसह की रोटी को “मेरी देह” यानी यीशु का मांस कहा। यीशु ने फसह के दाखमधु को मेरा लहूयानी यीशु का लहू कहा। इसलिए फसह वह मार्ग है जिससे हम यीशु का मांस खाते और उनका लहू पीते हैं। तब हमें अनंत जीवन पाने के लिए फसह मनाना चाहिए।

परमेश्वर का हमें अनंत जीवन देने का उद्देश्य

परमेश्वर हमें अनंत जीवन क्यों देना चाहते हैं?

प्रक 21:4 “वह उनकी आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहली बातें जाती रहीं।”

स्वर्ग के राज्य में मृत्यु नहीं है। यीशु ने हमें फसह मनाने की आज्ञा दी क्योंकि वह हमें अनंत प्राणी बनाना चाहते हैं और स्वर्ग के राज्य में ले जाना चाहते हैं।

आइए हम परमेश्वर की इच्छानुसार फसह मनाएं

हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए, परमेश्वर ने हमें फसह मनाने की आज्ञा दी। तब, उनका क्या होगा जो फसह नहीं मनाते? नि:संदेह, वे कभी भी स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं करेंगे।

मत 7:21 “जो मुझ से, ‘हे प्रभु! हे प्रभु!’ कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।

चाहे हम पुराने नियम के समय में हों या नए नियम के समय में हों, युग के परे, वह परमेश्वर हैं जो हमें फसह मनाने की आज्ञा देते हैं। इसलिए फसह मनाना परमेश्वर की पूर्ण इच्छा है। इसलिए आइए हम सब फसह मनाएं जिसे परमेश्वर ने खुद मनाने की आज्ञा दी और सिखाया, और अनंत जीवन पाएं और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करें।