प्रत्येक युग के उद्धारकर्ता और नया नाम

प्रत्येक युग के उद्धारकर्ता और नया नाम

हमारे उद्धार के लिए दिया गया नया नाम

प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, अपना उद्देश्य है।

सभ 3:1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।

बाइबल कहती है कि हर बात के लिए समय है। हर काम का एक उद्देश्य है। उसी तरह, हमारे धार्मिक जीवन का भी एक उद्देश्य है। हमारे विश्वास का उद्देश्य क्या है?

1पत 1:8–9 उससे तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है; और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात् आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

हमारे विश्वास का उद्देश्य हमारी आत्माओं का उद्धार अर्थात् अनंत जीवन है। हमें अनंत जीवन देने के लिए, परमेश्वर ने 6,000 वर्षों के उद्धार के कार्य को तीन युगों में विभाजित किया और हमें प्रत्येक युग में उद्धारकर्ता का अलग अलग नाम दिया।

मत 28:19 “इसलिए तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो…”

परमेश्वर ने कहा कि पिता, पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। इसका अर्थ है कि पिता का अपना नाम है, और पुत्र का अपना नाम है, और पवित्र आत्मा का अपना नाम है। जैसे कि आप जानते हैं, पिता का नाम यहोवा है, पुत्र का नाम यीशु है। तब, पवित्र आत्मा का नाम क्या है? क्या आप ने कभी पवित्र आत्मा के नाम के बारे में सुना है? आइए हम पवित्र आत्मा के नाम के बारे में पढ़ें।

 प्रत्येक युग में उद्धारकर्ता कौन है?

पिता के युग में उद्धारकर्ता कौन है।

यश 43:11 “मैं ही यहोवा हूं और मुझे छोड़ कोई उद्धारकर्ता नहीं।”

पिता के युग में, उद्धारकर्ता कौन था? (यहोवा) तब, जब पिता का युग पुत्र के युग में बदल गया, उद्धारकर्ता कौन था?

प्रे 4:11–12 यह वही पत्थर है जिसे तुम राजमिस्त्रियों ने तुच्छ जाना और वह कोने के सिरे का पत्थर हो गया। किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिसके द्वारा हम उद्धार पा सकें।

पुत्र के युग में उद्धारकर्ता कौन था? यीशु। जैसे पिता का युग पुत्र के युग में बदल गया, उद्धारकर्ता का नाम यहोवा से यीशु में बदल गया। परमेश्वर ने प्रत्येक युग में उद्धारकर्ता के लिए अलग नाम दिया। इसलिए, हर नाम की एक समय–सीमा है। पिता के युग में, लोग केवल पिता के नाम से बचाए गए; और पुत्र के युग में, लोग केवल पुत्र के नाम से बचाए गए।

अब हम न तो पिता के युग में जी रहे हैं, न ही पुत्र के युग में। हम पवित्र आत्मा के युग में जी रहे हैं। तब उद्धारकर्ता का नाम भी बदल जाना चाहिए। आइए हम पवित्र आत्मा के युग में उद्धारकर्ता का नाम खोजें।

प्रक 3:12 “जो जय पाए उसे मैं अपने परमेश्वर के मन्दिर में एक खंभा बनाऊंगा, और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्वर का नाम और अपने परमेश्वर के नगर अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है, और अपना नया नाम उस पर लिखूंगा।”

यहां पर, “मैं” यीशु को दर्शाता है। इसलिए अपना नया नामयीशु का नया नाम है। यीशु का नया नाम यीशुनहीं हो सकता क्योंकि वह नया नाम है।

प्रक 2:17 “जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है। जो जय पाए, उस को मैं गुप्त मन्ना में से दूंगा, और उसे एक श्वेत पत्थर भी दूंगा; और उस पत्थर पर एक नाम लखा हुआ होगा, जिसे उसके पानेवाले के सिवाय और कोई न जानेगा।”

यहां पत्थर असली पत्थर नहीं है। आइए हम यह जानने के लिए 1पतरस अध्याय 2 पर चलें कि पत्थर किसको दर्शाता है।

1पत 2:4 उसके(यीशु) पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।

नए नियम में, पत्थर यीशु को दर्शाता है। इसलिए जब हम प्रकाशितवाक्य 2:17 में “पत्थर” की जगह पर यीशुलिखें, पत्थर पर नया नाम यीशु का नया नाम है। चूंकि संसार अभी तक यीशु का नया नाम नहीं जानता, बाइबल कहती है कि केवल वह जो उसे प्राप्त करता है उसे जानता है। यह नया नाम पवित्र आत्मा के युग में उद्धारकर्ता का नाम है।

प्रत्येक युग में लोगों को किसका साक्षी होना चाहिए?

अगला, आइए हम पहले पिता के युग से शुरू करके सोचें कि प्रत्येक युग में लोगों को किसका साक्षी होना चाहिए।

यश 43:10 यहोवा की वाणी है, “तुम मेरे साक्षी हो और मेरे दास हो, जिन्हें मैं ने इसलिए चुना है…”

पिता के युग में, लोगों को किसका साक्षी होना चाहिए था? यहोवा। ऐसा क्यों था? वह इसलिए क्योंकि पिता के युग में, उद्धारकर्ता यहोवा था। तब, यदि पिता का युग पुत्र के युग में बदल जाए, लोगों को किसका साक्षी होना चाहिए?

प्रे 1:6–8 अत: उन्होंने इकट्ठे होकर उससे पूछा, “हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्राएल को राज्य फेर देगा?” उसने उनसे कहा, “उस समयों या कालों को जानना, जिनको पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।”

पुत्र के युग में, लोगों को किसका साक्षी होना चाहिए था? यीशु। ऐसा क्यों था? ऐसा इसलिए कि जैसे पिता का युग पुत्र के युग में बदल गया, उद्धारकर्ता यहोवा से यीशु में बदल गया। गवाह का कार्य उसके उद्धारकर्ता की गवाही देना है। हम पवित्र आत्मा के युग में जी रहे हैं। तब, हमें किसका साक्षी होना चाहिए? अवश्य ही, हमें नए नाम का साक्षी होना चाहिए। क्योंकि पवित्र आत्मा के युग में उद्धारकर्ता नया नाम है।

प्रत्येक युग में लोगों को किसके नाम से प्रार्थना करनी चाहिए?

भज 116:4 तब मैंने यहोवा से प्रार्थना की, “हे यहोवा, विनती सुनकर मेरे प्राण को बचा ले!”

पिता के युग में, लोगों ने किसके नाम से प्रार्थना की? यहोवा। ऐसा क्यों था? ऐसा इसलिए कि पिता के युग में उद्धारकर्ता यहोवा था। लोगों की प्रार्थना का उत्तर केवल तब ही दिया जाता है जब वे अपने युग के उद्धारकर्ता के नाम से प्रार्थना करते हैं। जब पिता का युग पुत्र के युग में बदल गया, लोगों ने किसके नाम से प्रार्थना की? आइए हम यूहन्ना 16:24 देखें।

यूह 16:24 “अब तक तुम ने मेरे नाम से कुछ नहीं मांगा; मांगो, तो पाओगे ताकि तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।”

उस समय तक चेले किसके नाम से प्रार्थना करते थे? वे पिता के युग में उद्धारकर्ता यहोवा के नाम से प्रार्थना करते थे। लेकिन, उस युग में लोगों को यीशु के नाम से प्रार्थना करनी चाहिए थी जो पुत्र के युग में उद्धारकर्ता थे, क्योंकि पिता का युग पुत्र के युग में बदल गया।

हम न तो पिता के युग में जी रहे हैं, न ही पुत्र के युग में। पुत्र का युग पवित्र आत्मा के युग में बदल गया। फिर हमें किसके नाम से प्रार्थना करनी चाहिए? नि:संदेह, हमें पवित्र आत्मा के युग में उद्धारकर्ता का नाम, नए नाम से प्रार्थना करनी चाहिए।

प्रत्येक युग में लोगों को अपने उद्धार के लिए किसका नाम बुलाना चाहिए?

योए 2:32 जो कोई यहोवा से प्रार्थना करेगा, वह छुटकारा पाएगा।

पिता के युग में, बचाए जाने के लिए लोगों ने किसका नाम बुलाया? यहोवा।

रो 10:9–13 यदि तू अपने मुंह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे, और अपने मन से विश्वास करे कि परमेश्वर ने उसे मरे हुओं में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा… जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा।

पुत्र के युग में, लोगों ने बचाए जाने के लिए किसका नाम बुलाया? यीशु।

हम पवित्र आत्मा के युग में जी रहे हैं। अब हमें बचाए जाने के लिए किसका नाम बुलाना चाहिए? हमें बचाए जाने के

लिए नया नाम बुलाना चाहिए। वह इसलिए है कि पवित्र आत्मा के युग में उद्धारकर्ता का नाम नया नाम है।

इस युग में जिसमें हम जी रहे हैं, हमें अवश्य नया नाम जानना चाहिए। तब हम हमारी आत्मा का उद्धार पा सकते हैं जो हमारे विश्वास का उद्देश्य है। हम नए नाम को कैसे जान सकते हैं? हम केवल बाइबल के द्वारा उसे जान सकते हैं(यूह 5:39)। आइए हम बाइबल की भविष्यवाणियों के द्वारा पवित्र आत्मा के युग में उद्धारकर्ता के नाम, नए नाम को जानें। और आइए हम उस नाम को ग्रहण करें और बचाए जाएं।