परमेश्वर जो पूर्व से आए

परमेश्वर जो पूर्व से आए

पूर्व से शुरू हुआ उद्धार का कार्य

बाइबल ने उस जगह के बारे में जहां से उद्धारकर्ता आएंगे, भविष्यवाणी की। पुराने नियम में मीका की भविष्यवाणी के अनुसार, पहली बार आने वाले यीशु ने बैतलहम में जन्म लिया(मी 5:2)।

तब, बाइबल कहां भविष्यवाणी करती है जहां दूसरी बार आने वाले यीशु आएंगे? जवाब पाने के लिए, हमें वहां खोजना चाहिए जहां अंतिम उद्धार का कार्य शुरू होता है। सिर्फ तब उद्धार का कार्य किया जा सकता है, जब यीशु दूसरी बार आते हैं(इब्र 9:28, लूक 21:27–28)। अंत के दिनों में जहां उद्धार का कार्य शुरू होता है, वही से दूसरी बार आने वाले मसीह आएंगे।

तब अंत के दिनों में उद्धार का कार्य कहां से शुरू होता है?

प्रक 7:1–3 इसके बाद मैं ने पृथ्वी के चारों कोनों पर चार स्वर्गदूत खड़े देखे। वे पृथ्वी की चारों हवाओं को थामे हुए थे ताकि पृथ्वी या समुद्र या किसी पेड़ पर हवा न चले। फिर मैं ने एक और स्वर्गदूत को जीवते परमेश्वर की मुहर लिए हुए पूरब से ऊपर की ओर आते देखा; उसने उन चारों स्वर्गदूतों से जिन्हें पृथ्वी और समुद्र की हानि करने का अधिकार दिया गया था, ऊंचे शब्द से पुकारकर कहा, “जब तक हम अपने परमेश्वर के दासों के माथे पर मुहर न लगा दें, तब तक पृथ्वी और समुद्र और पेड़ों को हानि न पहुंचाना।”

हवा विपत्ति को दर्शाती है। जैसे चारों हवा दुनिया के चारों ओर चलती है, यह अंतिम विपत्ति है जो दुनिया को नष्ट करेगी। दुनिया पर अंतिम विपत्ति पड़ने से पहले परमेश्वर के मुहर लगाने का कार्य अंतिम उद्धार का कार्य है जो परमेश्वर अपने लोगों को बचाने के लिए करते हैं। कहां से उद्धार का कार्य शुरू होता है? वह पूर्व से होता है। तब, दूसरी बार आने वाले यीशु कहां से आते हैं? वह पूर्व से आते हैं।

दूसरी बार आने वाले मसीह के द्वारा मुहर लगाने का कार्य किया जाता है

बाइबल हमसे कहती है कि प्रकाशितवाक्य अध्याय 7 के मुहर लगाने का कार्य शुरू होने से पहले एक विशेष चिन्ह है।

प्रक 6:12–13 जब उसने छठवीं मुहर खोली, तो मैं ने देखा कि एक बड़ा भूकंप हुआ, और सूर्य कम्बल के समान काला और पूरा चंद्रमा लहू के समान हो गया। आकाश के तारे पृथ्वी पर ऐसे गिर पड़े जैसे बड़ी आंधी से हिलकर अंजीर के पेड़ में से कच्चे फल झड़ते हैं।

परमेश्वर के मुहर लगाने का कार्य शुरू होने से पहले, सूर्य, चंद्रमा और तारों में एक चिन्ह होता है। यह चिन्ह सुसमाचार की पुस्तकों में दूसरी बार आने वाले यीशु के बारे में भविष्यवाणी में भी देखा जाता है।

मत 24:29–30 “उन दिनों के क्लेश के तुरन्त बाद सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चन्द्रमा का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियां हिलाई जाएंगी। तब मनुष्य के पुत्र का चिन्ह आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे।

इसलिए परमेश्वर के मुहर लगाने का कार्य दूसरी बार आने वाले यीशु के द्वारा किया जाता है। प्रकाशितवाक्य अध्याय 7 अंतिम उद्धार के कार्य के बारे में एक भविष्यवाणी है जिसे दूसरी बार आने वाले यीशु पृथ्वी की चारों हवाओं से दर्शाई गई अंतिम विपत्ति छोड़ी जाने से पहले आकर पूरा करेंगे। तब, वह कार्य कहां से शुरू होता है? वह पूर्व से शुरू होता है। इसलिए दूसरी बार आने वाले यीशु को पूर्व से आना आवश्यक है।

दूसरी बार आने वाले यीशु जो पूर्व से एक मनुष्य के रूप में प्रकट होंगे

यश 46:10–11 मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, ‘मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।’ मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरुष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैंने यह विचार बांधा है और उसे सफल भी करूंगा।

परमेश्वर ने कहा कि वह दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरुष को बुलाते हैं।

यश 41:2–4 किसने पूर्व दिशा से एक को उभारा है, जिसे वह धर्म के साथ अपने पांव के पास बुलाता है? वह जातियों को उसके वश में कर देता और उसको राजाओं पर अधिकारी ठहराता है; वह अपनी तलवार से उन्हें धूल के समान, और अपने धनुष से उड़ाए हुए भूसे के समान कर देता है। वह उन्हें खदेड़ता और ऐसे मार्ग से, जिस पर वह कभी न चला था, बिना रोक टोक आगे बढ़ता है। किसने यह काम किया है और आदि से पीढ़ियों को बुलाता आया है? मैं यहोवा, जो सब से पहला, और अन्त के समय रहूंगा; मैं वही हूं।

परमेश्वर कहां से उद्धारकर्ता को उभारते हैं? पूर्व से। पहली बार आने वाले यीशु इस्राएल से आए, न कि पूर्व से। इसलिए पूर्व से उभारा हुआ उद्धारकर्ता दूसरी बार आने वाले यीशु है।

यश 41:17–18 जब दीन और दरिद्र लोग जल ढूंढ़ने पर भी न पायें और उनका तालू प्यास के मारे सूख जाये; मैं यहोवा उनकी विनती सुनूंगा, मैं इस्राएल का परमेश्वर उनको त्याग न दूंगा। मैं मुण्डे टीलों से भी नदियां और मैदानों के बीच में सोते बहाऊंगा; मैं जंगल को ताल और निर्जल देश को सोते ही सोते कर दूंगा।

परमेश्वर ने कहा कि जब पूर्व से एक व्यक्ति प्रकट होता है, तब मुण्डे टीलों से नदियां और मैदानों के बीच में सोते बहेंगे और निर्जल देश सोते ही सोते बन जाएंगे। केवल कौन इसे संभव बना सकता है? वह केवल जीवन का जल का स्रोत, परमेश्वर हैं जो शरीर धरकर मसीह के रूप में आते हैं(यश 35:4–6; मत 11:2–5)।

पूर्व में दूर देश कोरिया

पूर्व में दूर देश कहां है जहां दूसरी बार आने वाले यीशु आएंगे? क्योंकि पृथ्वी गोल है, दिशा को बताने के लिए एक मानक होना चाहिए।

पहले, वह पूर्व में दूर देश होना चाहिए जहां से नबी ने प्रकाशन देखा। अत: हमें पतमुस और इस्राएल से पूर्व में देश को खोजना चाहिए। यदि आप दुनिया के नक्शे में उसको ढूंढ़ें, तब आपको कोरिया मिलेगा।

दूसरा, बाइबल में भविष्यवाणी किया हुआ पूर्व वह जगह होना चाहिए जहां प्रकाशितवाक्य अध्याय 7 की भविष्यवाणी के अनुसार परमेश्वर के मुहर लगाने का कार्य शुरू होता है। परमेश्वर की मुहर क्या है? वह नई वाचा का फसह है जिसके द्वारा हम अंतिम विपत्ति से बच सकते हैं। यहां पर पूर्व कोरिया है। फसह का सत्य कहां से प्रकट हुआ है? क्या वह भारत या चीन या जापान से प्रकट हुआ? नहीं। इसी वजह से बाइबल में भविष्यवाणी किया गया पूर्व देश कोरिया है।

इस भविष्यवाणी के अनुसार, दूर देश कोरिया से किसने आकर हमें उद्धार दिया? वह मसीह आन सांग होंग जी हैं। इसलिए आइए हम मसीह आन सांग होंग जी को ग्रहण करें और उद्धार पाएं।