यरूशलेम माता

हमें अनंत जीवन की प्रतिज्ञा दी गई है

परमेश्वर ने हमें प्रतिज्ञा दी जो हमें स्वर्ग जाने के लिए सक्षम बनाती है। इसलिए बाइबल हमें ‘प्रतिज्ञा की संतान’ कहती है।

हे भाइयो, हम इसहाक के समान प्रतिज्ञा की संतान हैं।

गल 4:28

परमेश्वर की प्रतिज्ञा क्या है?

और जिसकी उसने हमसे प्रतिज्ञा की वह अनंत जीवन है।

1यूह 2:25

परमेश्वर की प्रतिज्ञा क्या है? वह अनंत जीवन है। तब आइए हम खोजें कि हम अनंत जीवन कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

सब वस्तुओं में परमेश्वर की इच्छा होती है

“हे हमारे प्रभु और परमेश्वर, तू ही महिमा, आदर और सामर्थ्य के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएं सृजीं और वे तेरी ही इच्छा से थीं और सृजी गईं।”

प्रक 4:11

जब परमेश्वर ने सब वस्तुएं सृजीं, उन्होंने अपनी इच्छा से उनकी सृष्टि की। उनमें से, आइए हम जीवन के बारे में सोचें।

इस पृथ्वी पर सभी जीवित प्राणी अपनी माता से जीवन पाते हैं। जैसे हमारा शारीरिक जीवन हमारी शारीरिक माता से दिया जाता है, वैसे हमारा आत्मिक जीवन हमारी आत्मिक माता से दिया जाता है। इसलिए हमारे लिए जो प्रतिज्ञा की संतान हैं, हमारी आत्मिक माता का अस्तित्व होना चाहिए जो हमें अनंत जीवन देती हैं।

आत्मिक माता का अस्तित्व है

अब, आइए हम बाइबल के द्वारा हमारी आत्मिक माता के अस्तित्व को खोजें।

फिर परमेश्वर ने कहा, “हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं…”

उत 1:26

परमेश्वर ने अपने आपको “मैं” नहीं कहा जो एकवचन शब्द है, परन्तु “हम” कहा, जो बहुवचन शब्द है। तब परमेश्वर ने अपने आपको एकवचन संज्ञा से “मैं” नहीं लेकिन बहुवचन “हम” क्यों कहा?

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया; नर और नारी करके उसने मनुष्यों की सृष्टि की।

उत 1:27

पद 26 में, परमेश्वर ने कहा, “हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं।” और पद 27 में, मनुष्य जो परमेश्वर के स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया गया, नर और नारी था। चूंकि नर और नारी परमेश्वर के स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किए गए, इसका मतलब है कि परमेश्वर के पास दो स्वरूप हैं: नर और नारी। युगों से, विश्वासियों ने सोचा कि केवल नर स्वरूप के परमेश्वर का अस्तित्व है, तो वे परमेश्वर को “पिता परमेश्वर” कहते आए हैं। तब नारी स्वरूप के परमेश्वर को हमें क्या बुलाना चाहिए? नि:संदेह, हमें उन्हें “माता” बुलाना चाहिए। हमें हमारे आत्मिक पिता के साथ हमारी आत्मिक माता पर भी विश्वास करना चाहिए।

जीवन माता के द्वारा दिया जाता है

आदम और हव्वा बनाने में जो परमेश्वर के स्वरूप के अनुसार बनाए गए, परमेश्वर की इच्छा क्या है?

तौभी आदम से लेकर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्होंने उस आदम, जो उस आनेवाले का चिन्ह है, के अपराध के समान पाप न किया।

रो 5:14

पहला मनुष्य आदम जो परमेश्वर के स्वरूप में बनाया गया, किसे दर्शाता है? वह यीशु मसीह का चिह्न था जो इस पृथ्वी पर आने वाले थे। त्रिएक के अनुसार यीशु पिता परमेश्वर हैं। फिर, हव्वा जो परमेश्वर के स्वरूप में बनाई गई, किसे दर्शाती है? जैसे आदम पिता परमेश्वर को दर्शाता है, उसकी पत्नी हव्वा माता परमेश्वर को दर्शाती है। आइए हम हव्वा बनाने में परमेश्वर की इच्छा को देखें।

आदम ने अपनी पत्नी का नाम हव्वा रखा; क्योंकि जितने मनुष्य जीवित हैं उन सब की आदिमाता वही हुई।

उत 3:20

“हव्वा” का अर्थ “जीवन” है(संदर्भ। पद टिप्पणी)। बाइबल स्त्री हव्वा को “जीवन” क्यों कहती है? दुनिया में एक ऐसा काम है जिसे पुरुष कभी नहीं कर सकता, परन्तु केवल स्त्री कर सकती है। वह बच्चे को जन्म देना है। बच्चे को जन्म देने की भूमिका केवल स्त्री को दी गई है। इसी कारण बाइबल स्त्री हव्वा को “जीवन” कहती है। जैसे हव्वा जीवन देने वाली है, बाइबल उसे “सब की आदिमाता” कहती है।

जैसे आदम यीशु का भविष्यसूचक रूप है जो परमेश्वर का नर स्वरूप हैं, हव्वा स्वर्गीय माता का भविष्यसूचक रूप है जो परमेश्वर का नारी स्वरूप हैं। हव्वा की भविष्यवाणी के द्वारा, परमेश्वर ने हमें बताया कि अनंत जीवन हमारी स्वर्गीय माता से हमें दिया जाता है।

यीशु ने भी इसके बारे में कहा।

“और मेरे भेजनेवाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं, परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं।”… जो मेरा मांस खाता और मेरा लहू पीता है, अनंत जीवन उसी का है; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।

यूह 6:39, 40, 44, 54

यहां तक कि चार बार, यीशु ने लगातार कहा कि वह “अंतिम दिन में” उन्हें जीवन देंगे। चूंकि यीशु परमेश्वर हैं, यीशु के पास उसी समय उन्हें जीवन देने के लिए पर्याप्त शक्ति थी। हालांकि, यीशु ने क्यों अंतिम दिन तक देर कर दी? वह इसलिए क्योंकि बाइबल भविष्यवाणी करती है कि आत्मिक जीवन हमारी आत्मिक माता से जो अंतिम दिन में प्रकट होंगी दिया जाएगा।

छह दिन की सृष्टि छह हजार वर्ष के उद्धार के कार्य की भविष्यवाणी है। इसलिए छठवें दिन पर हव्वा की सृष्टि भविष्यवाणी है कि स्वर्गीय माता छह हजार वर्ष के उद्धार के कार्य के अंत में प्रकट होंगी। इस भविष्यवाणी के अनुसार, स्वर्गीय माता अंतिम दिन में प्रकट हुई हैं और अपनी संतानों को अनंत जीवन देती हैं।

स्वर्गीय माता अंतिम दिन में प्रगट होती हैं

आओ, हम आनन्दित और मगन हों, और उसकी स्तुति करें, क्योंकि मेम्ने का विवाह आ पहुंचा है, और उसकी दुल्हिन ने अपने आप को तैयार कर लिया है।

प्रक 19:7

यीशु अपने पहली बार आते समय अकेले आए थे, परन्तु यहां यीशु जिनकी भविष्यवाणी की गई है, “मेमने की दुल्हिन” के साथ प्रकट होते हैं। इसलिए यह भविष्यवाणी यीशु के दूसरी बार आते समय पूरी होनी चाहिए। आइए हम मेमने की पत्नी के बारे में पढ़ना जारी रखें।

फिर जिन सात स्वर्गदूतों के पास सात अंतिम विपत्तियों से भरे हुए सात कटोरे थे, उनमें से एक मेरे पास आया, और मेरे साथ बातें करके कहा, “इधर आ, मैं तुझे दुल्हिन अर्थात् मेम्ने की पत्नी दिखाऊंगा।” तब वह मुझे आत्मा में एक बड़े और ऊंचे पहाड़ पर ले गया, और पवित्र नगर यरूशलेम को स्वर्ग से परमेश्वर के पास से उतरते दिखाया।

प्रक 21:9–10

दुल्हिन, मेमने की पत्नी जो स्वर्गदूत ने यूहन्ना को दिखाई, स्वर्गीय यरूशलेम थी। तब, मेमने की पत्नी, स्वर्गीय यरूशलेम हमारे लिए कौन है?

पर ऊपर की यरूशलेम स्वतंत्र है, और वह हमारी माता है।

गल 4:26

“ऊपर” स्वर्ग को दर्शाता है। हमारे लिए स्वर्गीय यरूशलेम हमारी माता है। “हमारी” किसे संकेत करता है? वे संत हैं जो बचाए जाएंगे। और बाइबल कहती है कि हम, संत प्रतिज्ञा की संतान हैं।

हे भाइयो, हम इसहाक के समान प्रतिज्ञा की संतान हैं।

गल 4:28

परमेश्वर की प्रतिज्ञा अनंत जीवन है, और प्रतिज्ञा की संतान माता की संतान हैं।

इसलिए हे भाइयो, हम दासी की नहीं परन्तु स्वतंत्र स्त्री की संतान हैं।

गल 4:31

बाइबल प्रतिज्ञा की संतान को जो अनंत जीवन प्राप्त करती हैं स्वर्गीय माता की संतान कहती है।

परमेश्वर की प्रतिज्ञा, अनंत जीवन हमारी माता से दिया जाता है। आइए हम स्वर्गीय यरूशलेम माता पर पूरी तरह से विश्वास करें जिनकी बाइबल गवाही देती है।

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