बपतिस्मा तुरन्त लें

बपतिस्मा लेने में देर करना गलत है

बपतिस्मा पहला कदम है जिसे पापियों को अपने पापों की क्षमा पाने और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए लेना चाहिए। इसीलिए हमें बपतिस्मा लेने में एक पल की भी देरी नहीं करनी चाहिए।

अगले पल क्या होगा हम नहीं जानते।

कल के दिन के विषय में डींग मत मार, क्योंकि तू नहीं जानता कि दिन भर में क्या होगा।

नीत 27:1

हम नहीं जानते कि कल, यहां तक कि एक घंटे के बाद क्या होगा। जैसे ही हम सच्चाई महसूस करते हैं, हमें उद्धार का चिन्ह प्राप्त करना चाहिए।

उसने उनसे एक दृष्टान्त कहा: “किसी धनवान की भूमि में बड़ी उपज हुई… ‘प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिए बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह।’ परन्तु परमेश्वर ने उससे कहा, ‘हे मूर्ख! इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा…’”

लूक 12:16–20

बपतिस्मा के लिए भी ऐसा ही है। यदि हमारे प्राण हम से ले लिए जाएं जबकि हम बपतिस्मा लेने में देरी करते हैं, तो हमारी आत्मा का क्या होगा?

प्रथम चर्च के समय में बपतिस्मा

प्रेरितों ने जो यीशु से शिक्षित किए गए थे, लोगों को कब बपतिस्मा दिया? जब लोगों ने परमेश्वर के वचन सुने और महसूस किया, प्रेरितों ने तुरंत बपतिस्मा दिया।

फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलिप्पुस से कहा, “उठ और दक्खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से गाजा को जाता है।” यह रेगिस्तानी मार्ग है। वह उठकर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्दाके का मंत्री और खजांची था। और आराधना करने को यरूशलेम आया था। वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था… फिलिप्पुस उसकी ओर दौड़ा और उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, “तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?” उसने कहा, “जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं कैसे समझूं?” और उसने फिलिप्पुस से विनती की कि चढ़कर उसके पास बैठे।

प्रे 8:26–31

फिलिप्पुस रेगिस्तानी मार्ग पर बाइबल पढ़ते हुए एक खोजे से मिला, और सुसमाचार का प्रचार किया।

तब फिलिप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ करके उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया। मार्ग में चलते–चलते वे किसी जल की जगह पहुंचे। तब खोजे ने कहा, “देख यहां जल है, अब मुझे बपतिस्मा लेने में क्या रोक है।” … तब उसने रथ खड़ा करने की आज्ञा दी, और फिलिप्पुस और खोजा दोनों जल में उतर पड़े, और उसने खोजे को बपतिस्मा दिया।

प्रे 8:35–36

फिलिप्पुस ने रास्ते पर खोजे को तुरन्त बपतिस्मा दिया। आपको क्या लगता है कि फिलिप्पुस और खोजा एक दूसरे से कितनी बार मिले? वह पहली बार थी कि वे एक दूसरे से मिले। खोजे ने रास्ते पर बपतिस्मा लिया। वह बाद में अपने घर में साफ पानी से बपतिस्मा ले सकता था। हालांकि, उसने रास्ते पर तुरन्त बपतिस्मा लिया।

“क्या कोई जल की रोक कर सकता है कि ये बपतिस्मा न पाएं, जिन्होंने हमारे समान पवित्र आत्मा पाया है?” और उसने आज्ञा दी कि उन्हें यीशु मसीह के नाम में बपतिस्मा दिया जाए। तब उन्होंने उससे विनती की कि वह कुछ दिन और उनके साथ रहे।

प्रे 10:47–48

यहां “ये” लोग कुरनेलियुस के परिवार के सदस्य हैं(प्रे 10:24–25)। पतरस ने कुरनेलियुस को सुसमाचार का प्रचार किया जब वह उससे पहली बार मिला, और उसे और उसके घराने को बपतिस्मा दिया। बाइबल में कहीं पर भी हम एक मामला नहीं खोज सकते कि लोगों ने बपतिस्मा देने में देरी की हो।

तब वह दीया मंगवाकर भीतर लपका, और कांपता हुआ पौलुस और सीलास के आगे गिरा; और उन्हें बाहर लाकर कहा, “हे सज्जनो, उद्धार पाने के लिए मैं क्या करूं?” उन्होंने कहा, “प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।” और उन्होंने उसको और उसके सारे घर के लोगों को प्रभु का वचन सुनाया। रात को उसी घड़ी उसने उन्हें ले जाकर उनके घाव धोए, और उसने अपने सब लोगों समेत तुरन्त बपतिस्मा लिया।

प्रे 16:29–33

दारोगा और सारे घर के लोगों ने रात को उसी घड़ी बपतिस्मा लिया। यह दिखाता है कि बपतिस्मा अत्यावश्यक और महत्वपूर्ण विधि है। इसलिए प्रेरितों ने समय और जगह परवाह किए बिना लोगों को बपतिस्मा दिया; उन्होंने रास्ते पर या रात को भी बपतिस्मा दिया।

सब्त के दिन हम नगर के फाटक के बाहर नदी के किनारे यह समझकर गए कि वहां प्रार्थना करने का स्थान होगा, और बैठकर उन स्त्रियों से जो इकट्ठी हुई थीं, बातें करने लगे। लुदिया नामक थुआथीरा नगर की बैंजनी कपड़े बेचनेवाली एक भक्त स्त्री सुन रही थी। प्रभु ने उसका मन खोला कि वह पौलुस की बातों पर चित्त लगाए। जब उसने अपने घराने समेत बपतिस्मा लिया…

प्रे 16:13–15

प्रेरित पौलुस ने तुरन्त लुदिया को बपतिस्मा दिया जिसे वह पहली बार सब्त के दिन पर मिला था। सभी प्रेरितों ने बपतिस्मा देने में देर न करते हुए, लोगों को तुरन्त बपतिस्मा दिया। यह बाइबल की शिक्षा है।

फिर से बपतिस्मा लेना

कुछ लोग बपतिस्मा लेने में संकोच करते हैं क्योंकि उन्होंने पहले से दूसरे चर्च में बपतिस्मा लिया था। हालांकि, उन्हें फिर से बपतिस्मा लेना चाहिए।

उसने उनसे कहा, “तो फिर तुम ने किसका बपतिस्मा लिया?” उन्होंने कहा, “यूहन्ना का बपतिस्मा।” पौलुस ने कहा, “यूहन्ना ने यह कहकर मन फिराव का बपतिस्मा दिया कि जो मेरे बाद आनेवाला है, उस पर अर्थात् यीशु पर विश्वास करना।” यह सुनकर उन्होंने प्रभु यीशु के नाम में बपतिस्मा लिया।

प्रे 19:3–5

बपतिस्मा जो लोग ऐसे चर्च में लेते हैं जहां केवल अधर्म है और सत्य नहीं है, उद्धार का चिन्ह नहीं हो सकता। इसलिए हमें सच्चे चर्च में फिर से बपतिस्मा लेना चाहिए।

बपतिस्मा में परमेश्वर की आशीष

जब हम बपतिस्मा लेते हैं, हमें कौन सी आशीष दी जाएगी?

पतरस ने उनसे कहा, “मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने अपने पापों की क्षमा के लिए यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले; तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे।”

प्रे 2:38

जब हम बपतिस्मा लेते हैं, हम पापों की क्षमा और पवित्र आत्मा पाते हैं। यदि हम हमारे पापों की क्षमा अ‍ैर पवित्र आत्मा नहीं पाते, तो क्या हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं? नहीं। इसलिए हमें बचाए जाने और स्वर्ग के राज्य में जाने के लिए बपतिस्मा लेना चाहिए।

और उसने उनसे कहा, “तुम सारे जगत में जाकर सारी सृष्टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो। जो विश्वास करे और बपतिस्मा ले उसी का उद्धार होगा, परन्तु जो विश्वास न करेगा वह दोषी ठहराया जाएगा।”

मर 16:15–16

बपतिस्मा ऐसी विधि है जो हमें पापों की क्षमा देती है, और वह शैतान से मुक्त होने और परमेश्वर की संतान होने की प्रतिज्ञा है जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार जीती हैं। परमेश्वर उन लोगों को क्षमा करते हैं जो विश्वास करते हैं और बपतिस्मा लेते हैं, और उन्हें उद्धार का अनुग्रह देते हैं।

बपतिस्मा के द्वारा, आइए हम परमेश्वर की प्रतिज्ञा की हुई आशीष में हिस्सा लें और अनंत स्वर्ग में प्रवेश करें।

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